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Lyrics

मैंने ख्वाबों में तुम्हारा नूर देखा है
दिल ने भी तुमको कहीं तो ज़रूर देखा है

मैं रोज़ तेरा चेहरा सुनहरा, आँखों में लेके जगा
क्या जानता था, तू ही था मेरा
अब जो मिला तो लगा

Lyrics continue below...

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देर से ही सही, मगर तू मिला, मिला तो है ना
धीरे-धीरे सही, मगर फ़ासला मिटा तो है ना
देर से ही सही, मगर तू मिला, मिला तो है ना
धीरे-धीरे सही, मगर फ़ासला मिटा तो है ना

तुझसे किसी भी बहाने मैं रोज़ मिलता रहूँ
खुद को भी मैं जान लूंगा, जो मैं तुझे जान लूँ

तू जो दिखाए, देखे निगाहें
तू जो सुनाए, सुनूँ
साँसों की है अब किसे ज़रूरत?
तेरे भरोसे जियूँ

देर से ही सही, मगर तू मिला, मिला तो है ना
धीरे-धीरे सही, मगर फ़ासला मिटा तो है ना
देर से ही सही, मगर तू मिला, मिला तो है ना
धीरे-धीरे सही, मगर फ़ासला मिटा तो है ना

(देर से ही सही, मगर तू मिला, मिला तो है ना)
(धीरे-धीरे सही, मगर फ़ासला मिटा तो है ना)

रहने लगा आजकल हूँ, मैं पास इतना तेरे
सारी तेरी आती-जाती मैं गिन सकूँ धड़कनें

आँखों में तेरी रातें ख़तम हो
बाहों में हो हर सुबह
फिर भी ना अपनी बातें ख़तम हो
चलता रहे सिलसिला

देर से ही सही, मगर तू मिला, मिला तो है ना
धीरे-धीरे सही, मगर फ़ासला मिटा तो है ना
देर से ही सही, मगर तू मिला, मिला तो है ना
धीरे-धीरे सही, मगर फ़ासला मिटा तो है ना

Writer(s): AMAAL MALLIK, KUNAAL VERMAA

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